भाकपा माले ने की एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा, गिरफ्तारी और 10 लाख मुआवजे की मांग
मसौढ़ी (पटना), 30 जनवरी।
समदाता:-रंजीत प्रजापति सच तक पब्लिक न्यूज़
मसौढ़ी प्रखंड के देवरिया गांव निवासी 18 वर्षीय रौशन कुमार पिता जलाल दास की नृशंस हत्या के विरोध में भाकपा (माले) के नेतृत्व में गुरुवार को मसौढ़ी–पालीगंज मुख्य सड़क पर देवरिया पुल के उस पार करीब तीन घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। प्रदर्शनकारियों ने नामजद अपराधियों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अविलंब गिरफ्तारी, कड़ी सजा तथा पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवरिया गांव के चार लोगों द्वारा रौशन कुमार को बुलाकर पुनपुन नदी के उस पार, जो दुल्हिनबाजार थाना क्षेत्र के सिवान में पड़ता है, ले जाया गया। वहां खिला-पिलाकर कथित तौर पर गमछी से गला दबाकर उसकी बर्बर हत्या कर दी गई। घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।
घटना की सूचना पर पालीगंज डीएसपी सहित मसौढ़ी, भगवानगंज और दुल्हिनबाजार थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच, पटना भेज दिया। मसौढ़ी बीडीओ द्वारा पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 20,000 रुपये तथा कबीर दास अंत्येष्टि योजना के तहत 3,000 रुपये प्रदान किए गए। प्रशासन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद 8 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा माले के मसौढ़ी प्रखंड सचिव राकेश कुमार ने किया। इस दौरान जिला कमेटी सदस्य नागेश्वर पासवान, कपिल पासवान, राम भगवान राम, अमरनाथ प्रसाद सहित सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि राज्य में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और आम आदमी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू सरकार बनने के बाद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और गृह मंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सभी अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई तो भाकपा माले आंदोलन को और तेज करेगी।
प्रशासन द्वारा मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया।

